ये किस्सा बगलामुखी कांगडा के डीपीआरओ का है. वे आजकल तंत्र मंत्र की साधना में लगे हुए हैं. कांगडा के डीपीआरओ को इन दिनों हर वीरवार की रात को तंत्र विद्या के प्रमुख साधना स्थल बगलामुखी में देखा जा रहा है। बगलामुखी हिमाचल प्रदेश के कांगडा जिला की देहरा तहसील में है। व कई राजनेताओं का यह पंसदीदा स्थल रहा है। कांगडा के डीपीआरओ इन दिनों कांगडा जिला में सुर्खियों में हैं। उन्होंने अपना सरकारी कामकाज छोड़ कर तंत्र साधना को अपना लिया है।
बगलामुखी के पुजारियों की मानें तो साहब इन दिनों अपने विरोधीयों को सबक सिखाने के लिये मारण उच्चाटन सम्मोहन की प्रक्रिया के जरिये साधना कर रहे हैं। बीती रात भी वह अपनी सरकारी गाड़ी में बगलामुखी आये थे। उन्होंने तंत्र विद्या के तहत हवन पूजन करवाया। इसकी पुष्टि बगलामुखी के पुजारियों से हो रही है। बताया जाता है कि डीपीआरओ का विभाग में इन दिनों विरोध हो रहा है। जिसके चलते उन पर तबादले की तलवार लटक रही है। यही नहीं हिमाचल के सत्तारूढ दल के एक कबीना मंत्री भी उनके खास चहेते हैं।
यह कबीना मंत्री मंत्रिमंडल के होने जा रहे विस्तार व फेरबदल में अपनी कुर्सी बचाये रखने के लिये लोक संपर्क महकमें के इस अफसर के माध्यम से बगलामुखी में तंत्र मंत्र का सहारा लेकर देवी को प्रसन्न करने में जुटे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक मंत्री महोदय गुपचुप तरीके से इस अधिकारी से मिल कर अपने लिये यह व्यवस्था करवा चुके हैं। काबिलेगौर है कि प्रदेश के यह कबीना मंत्री इन दिनों अंदर ही अंदर प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से खुन्नस खाये बैठे हैं। उन्हें लगता है कि आने वाले फेरबदल में मुख्यमंत्री उनकी पदावन्नति कर सकते हैं।
उधर लोक संपर्क महकमें में तो चर्चा है कि पिछले दिनों कांगडा जिला में लोक संपर्क महकमें में पिछले दिनों कई गड़बड़ घोटाले हुये लेकिन इन्हीं मंत्री महोदय की ऐसी भावना रही कि दोषी अधिकारी का आज तक बाल भी बांका नहीं हो पाया। बदले में इसी अधिकारी ने मंत्री महोदय के कुछ खास कलाकारों व कैजुअल कर्मियों को उपकृत कर दिया। उधर इस मामले पर संपर्क करने पर कांगडा के डीपीआरओ ने कहा कि वह भगवान को मानते हैं। पूजा करना अपराध नहीं। लेकिन उनके विरोधी उनके खिलाफ अभियान चला रहे हैं।
एक पत्रकार द्वारा भेजा गया पत्र. उन्होंने नाम और पहचान उजागर नहीं करने का अनुरोध किया है.












sushil
February 24, 2011 at 8:11 am
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