: दैनिक भास्कर, रांची संस्करण के अंतिम पृष्ठ पर छपे विज्ञापन में वरुण गांधी की तस्वीर पर मचा बवाल : या तो वरुण गांधी ने इस घटिया विज्ञापन में अपनी तस्वीर शामिल करने के लिए पैसा लिया होगा या फिर कैप्सूल बनाने वाली कंपनी या अखबार के लोग खुद ब खुद उनकी तस्वीर का इस्तेमाल कर रहे हैं : इस महीने की 17 तारीख को रांची में जो दैनिक भास्कर प्रकाशित हुआ, उसमें एक विज्ञापन ने उन कुछ लोगों को जरूर चौंकाया होगा जिनकी नजर उस पर गई होगी.
बैक पेज पर एक कलर विज्ञापन ‘स्पीड हेल्थ कैप्सूल’ का छपा जिसमें तस्वीर वरुण गांधी का इस्तेमाल किया गया है. ताकत बढ़ाने और कमजोरी दूर करने वाले ऐसे फर्जी कैप्सूलों की कहानियां किसी से छिपी नहीं हैं लेकिन अखबार वाले पैसे के लालच में अनाप-शनाप विज्ञापन छापते रहते हैं. पर इस बार तो हद हो गई. इस कैप्सूल के विज्ञापन में वरुण गांधी की तस्वीर देखकर कुछ लोगों ने कहा कि लगता है वरुण गांधी की सेहत और ऊर्जा के पीछे इसी कैप्सूल का हाथ है. पर जानकारों का कहना है कि भास्कर में विज्ञापन तैयार करते समय किसी ने इरादतन तस्वीर में वरुण गांधी का इस्तेमाल कर लिया.
वहीं, एक आशंका यह भी है कि कंपनी की तरफ से खुद इस विज्ञापन को तैयार कराया गया हो और जानबूझ कर अपने प्रोडक्ट की बिक्री बढ़ाने के लिए वरुण गांधी के चेहरे का इस्तेमाल किया गया हो. वहीं एक संभावना यह भी है कि खुद वरुण गांधी ने अच्छे-खासे पैसे लेकर इस कैप्सूल के प्रचार के लिए अपने फोटो के इस्तेमाल की सहमति दी हो. पर वरुण ने जब आजतक किसी प्रोडक्ट का विज्ञापन नहीं किया तो इस घटिया कैप्सूल का विज्ञापन क्यों करेंगे. ऐसे में माना यही जा रहा है कि गलती या तो दैनिक भास्कर की है या फिर कैप्सूल बनाने वाली कंपनी की. कुछ लोग इस मामले को वरुण गांधी तक पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं ताकि उनकी तस्वीर के बेजा इस्तेमाल करने वालों को सबक सिखाया जा सके.

उधर, विज्ञापन में प्रकाशित वरुण गांधी की तस्वीर को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि यह तस्वीर कंपनी के मूल विज्ञापन में नहीं है. वरुण की तस्वीर को मूल विज्ञापन में जबरन पेस्ट किया गया लगता है. जब आप विज्ञापन में प्रकाशित वाक्यों को ध्यान से पढते-देखते हैं तो समझ में आता है कि तस्वीर पेस्ट किए जाने के कारण मूल विज्ञापन में लिखे वाक्य दब-से गए हैं. तो क्या, यह माना जाए कि मूल विज्ञापन में वरुण की तस्वीर किसी भास्करकर्मी ने शरारतन पेस्ट कर दी है या फिर यह तस्वीर भूल वश वहां पेस्ट हो गई और किसी का ध्यान न जाने के कारण ऐसे ही प्रकाशित भी हो गया अखबार. जो भी हो, यह मामला तूल पकड़ेगा और दोनों कंपनियों- विज्ञापन देने वाले और विज्ञापन छापने वाले को सफाई देना व प्रकाशित करना पड़ सकता है.













Dileep
February 25, 2011 at 10:10 am
It looks that Varun’s pic is result of misprinting. This image is overlapping some texts. If it is company designed add they will not hide text behind image.
biswajit
February 25, 2011 at 11:24 am
Yashwant Ji, jo advertisement dikhaya gaya hai, usme varun ki photo ke peeche ad ka text kat raha hai. Yani ad me varun ke photo ka istemaal nahi hua. Sambhawna yeh lagti hai ki jahan ad laga hai, wahan double coloumn koi khabar lagi thi. Shayad usme varun ki photo rahi ho. Khabar hatayi gayi, lekin photo nahi. Yeh ghalti bhi ho sakti hai aur kisi ki shararat bhi.
मदन कुमार तिवारी
February 26, 2011 at 6:54 pm
मुझे लगता है , प्रिंटिंग के समय हीं कोई गलती हो गई है , इसके लिये मीडिया कर्मी को भी जिम्मेवार नही ठहराया जा सकता है , यह मानवीय भुल है , हां एक क्षमा के साथ भुल सुधार देना चाहिये था ।