तहलका मैगजीन की पूर्व पत्रकार शाहिना केके को 2010 का चमेली देवी जैन अवार्ड दिया जा रहा है. उन्हें यह पुरस्कार निर्भिक महिला पत्रकार के रूप में काम करने के लिए दिया जा रहा है. शाहिना उस समय चर्चा में आईं थीं जब कर्नाटक पुलिस ने बंगलोर बम ब्लॉस्ट केस से उनका नाम जोड़ा था.
उल्लेखनीय है कि शाहिन ने तहलका के लिए अपनी रिपोर्ट में अब्दुल नासिर मदनी के मामले में सवाल उठाया था. उन्होंने अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि क्यों मदनी जेल में बंद है. उन्होंने जेल में बंद मदनी का इंटरव्यू भी प्रकाशित किया था. मदनी पर ही बैंगलोर ब्लॉस्ट में शामिल होने का आरोप था. इसके बाद से ही पुलिस शाहिना को लगातार परेशान करने लगी. उनके खिलाफ सोमावारपेट पुलिस स्टेशन तथा सिद्धापुरा पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 506 के तहत मुकदमा भी दर्ज कराया गया था.












DR. MOINUL HAQUE
March 11, 2011 at 2:36 pm
BAHUT BAHUT BADHAI HO MAAM !
ishwar singh . gorakhpur
March 12, 2011 at 10:12 am
शाहिना जी, आपको बधाई हो। निर्भीक पत्रकारिता के कारण आप को जिन तकलीफों का सामना करना पड़ा था, मैं समझता हूं यह अवार्ड आपके लिए राहत व प्रताड़ित करने वालों के मुंह पर तमाचा साबित होगा।
nagmani pandey
March 13, 2011 at 11:25 am
शाहिना जी, आपको बधाई हो