प्रिंट हम पत्रकार भी एक अदभुत अहं ग्रंथि से पीड़ित रहते हैं : सपने, संघर्ष और चुनौतियां (अंतिम) : प्रभात खबर आकर हमने बृजकिशोर झंवर (लाली बाबू) से मैनेजमेंट की बारीकियां सीखीं, तत्कालीन चेयरमैन बसंत कुमार... bhadas4media.comFebruary 13, 2011
प्रिंट रेवान्त पत्रिका का लखनऊ में लोकार्पण : कला और साहित्य सामाजिक बदलाव के वाहक : कला और साहित्य दुनिया में सामाजिक बदलाव के लिए चले राजनीतिक व सामाजिक आंदोलन का... bhadas4media.comFebruary 13, 2011
प्रिंट राडियाकांड ने दिखाया- पत्रकारिता पतन में भी सबसे आगे : सपने, संघर्ष और चुनौतियां (3) : प्रभात खबर में जब चुनौतियों के दिन शीर्ष पर थे, तो हर बार बैठक में कहता था... bhadas4media.comFebruary 13, 2011
प्रिंट प्रभात खबर बंद कराने को बड़े घरानों ने साजिश रची थी : सपने, संघर्ष और चुनौतियां (2) : आनंद बाजार पत्रिका छोड़ कर कुछेक हजार की नौकरी पर यहां आया, कंपनी द्वारा दी गयी थर्ड... bhadas4media.comFebruary 13, 2011
प्रिंट तब मैं, केके गोयनका और आरके दत्ता ड्राइविंग सीट पर थे : सपने, संघर्ष और चुनौतियां (1) : प्रभात खबर को नया इंस्टीट्यूशनल रूप देने के लिए शुरुआत हमने ऊपर से की. पहल कर मैं... bhadas4media.comFebruary 13, 2011