औरैया के मीडिया वाले तारीफ के हकदार हैं

23/24 दिसंबर 2008 की सुबह के धुंधलके के बीच स्थानीय पुलिस कर्मी का फोन मेरे पास आया ”गुरु सोवत अह्यौ का? जल्दी जिला अस्पताल आओ मसाला बढि़या है।”  फोन कट होते ही अनमने तरीके से मौके पर मेरा जाना हुआ, जिला अस्पताल में एक स्ट्रेचर पर लुंगी और बनियान में एक आदमी मृत लेटा हुआ था। उस पुलिस कर्मी ने मेरे कान में फूंका ”शेखर तिवारी….” पर जब मैं उस व्यक्ति के बारे में आश्वस्त हुआ तब तक वहां उस पुलिस कर्मी और एक पागल और चंद कुत्तों के अलावा कोई नहीं था। मुझे पता चला चंद मिनटों पूर्व दिबियापुर थानाध्यक्ष होशियार सिंह इसे छोडकर तेजी से निकल गए हैं।

अधिकारियों ने भारतीय प्रेस परिषद के दिशानिर्देशों को बौना साबित किया

: यूपी में प्रेस अधिकारों की धज्जियां उड़ाई गई : उत्तर प्रदेश में 12 दिसंबर को मतदान शांतिपूर्ण और सेटिंगपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो गया। प्रदेश में बहुत से बसपा समर्थित प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध तरीके से जीत गए। रायबरेली में जिला पंचायत अध्यक्ष पद जीत कांग्रेस ने प्रतिष्ठा बचा ली ती औरैया, इटावा, मैनपुरी, जालौन और कानपुर देहात ‘‘रमाबाई नगर’’ में सपा ने अपना झंडा गाड कर प्रतिष्ठा कायम रखी। कोई गद्दारों से हारा तो कोई लक्ष्मी को प्राप्त कर धन्य हुआ। एक-एक पंचायत सदस्य की कीमत लाखों लगी। कोई पैसे पर बिका तो कोई नातेदारी-रिश्तेदारी और कोई धमकी से रास्ते पर आया, लेकिन आखिरकार जिला पंचायत अध्यक्ष पदों का शांतिपूर्ण परिणाम आ गया। एटा को छोडकर जहां विवाद की स्थिति होने से परिणाम नहीं आ सका।

दो फाड़ पत्रकार, दो अध्‍यक्ष, दो कार्यकारिणी

: हंगामे के बीच हुआ औरैया प्रेस क्‍लब का चुनाव : औरैया में काफी गहमागहमी और आरोप-प्रत्‍यारोप के बीच प्रेस क्‍लब का चुनाव हुआ. दो साल बाद हो रहे चुनाव में नई-पुरानी के नाम पर समानांतर दो कार्यकारिणी का गठन कर लिया गया. प्रेस क्‍लब दो फाड़ में बंट गया है. नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों का आरोप है कि पुरानी कमेटी ने प्रेस क्‍लब पर अवैध कब्‍जा कर रखा है, एक तरह से उन्‍होंने प्रेस क्‍लब का अपहरण कर लिया है. इधर, पुराने प्रेस क्‍लब के लोग संस्‍था का पंजीकरण कराकर शीघ्र कराकर प्रेस क्‍लब पर दावा करने की बात कह रहे हैं.