Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

हलचल

अधिकारियों ने भारतीय प्रेस परिषद के दिशानिर्देशों को बौना साबित किया

: यूपी में प्रेस अधिकारों की धज्जियां उड़ाई गई : उत्तर प्रदेश में 12 दिसंबर को मतदान शांतिपूर्ण और सेटिंगपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो गया। प्रदेश में बहुत से बसपा समर्थित प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध तरीके से जीत गए। रायबरेली में जिला पंचायत अध्यक्ष पद जीत कांग्रेस ने प्रतिष्ठा बचा ली ती औरैया, इटावा, मैनपुरी, जालौन और कानपुर देहात ‘‘रमाबाई नगर’’ में सपा ने अपना झंडा गाड कर प्रतिष्ठा कायम रखी। कोई गद्दारों से हारा तो कोई लक्ष्मी को प्राप्त कर धन्य हुआ। एक-एक पंचायत सदस्य की कीमत लाखों लगी। कोई पैसे पर बिका तो कोई नातेदारी-रिश्तेदारी और कोई धमकी से रास्ते पर आया, लेकिन आखिरकार जिला पंचायत अध्यक्ष पदों का शांतिपूर्ण परिणाम आ गया। एटा को छोडकर जहां विवाद की स्थिति होने से परिणाम नहीं आ सका।

: यूपी में प्रेस अधिकारों की धज्जियां उड़ाई गई : उत्तर प्रदेश में 12 दिसंबर को मतदान शांतिपूर्ण और सेटिंगपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो गया। प्रदेश में बहुत से बसपा समर्थित प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध तरीके से जीत गए। रायबरेली में जिला पंचायत अध्यक्ष पद जीत कांग्रेस ने प्रतिष्ठा बचा ली ती औरैया, इटावा, मैनपुरी, जालौन और कानपुर देहात ‘‘रमाबाई नगर’’ में सपा ने अपना झंडा गाड कर प्रतिष्ठा कायम रखी। कोई गद्दारों से हारा तो कोई लक्ष्मी को प्राप्त कर धन्य हुआ। एक-एक पंचायत सदस्य की कीमत लाखों लगी। कोई पैसे पर बिका तो कोई नातेदारी-रिश्तेदारी और कोई धमकी से रास्ते पर आया, लेकिन आखिरकार जिला पंचायत अध्यक्ष पदों का शांतिपूर्ण परिणाम आ गया। एटा को छोडकर जहां विवाद की स्थिति होने से परिणाम नहीं आ सका।

बसपा इस तरह सबसे बड़ी पार्टी का तमगा हासिल करने में सफल रही, जो 72 जिलों में से आधे से अधिक जगहों पर कब्‍जा जमाने में सफल रही। बात जैसी भी हो, इस परिणाम की हकीकत को जानते हुए भी स्‍वीकार करना मीडिया के लिए जरूरी ही नहीं मजबूरी भी बनी हुई है। दरअसल एक हकीकत यह भी है कि प्रदेश भर में इन चुनावों में पारदर्शिता नहीं बरती गई। मीडिया को मतदान केंद्रों के आसपास फटकने भी नहीं दिया गया। अधिकारी इसके पीछे राज्य निर्वाचन आयोग के फरमानों का हवाला देते रहे तो वहीं इटावा जनपद में पास तक निर्गत होने के बावजूद मीडिया कर्मी मतदान केंद्र तक पहुंचने में विफल रहे। इसके पीछे प्रशासनिक मंशा क्या रही यह नहीं पता, क्या पर्दे के पीछे शासन के आदेश पर सरकारी अधिकारी कोई खेल कर रहे थे?

कोई बात नहीं, प्रशासन है कोई भी फरमान जारी कर सकता है, पर औरैया जिले के पत्रकारों और प्रेस क्लब पदाधिकारियों ने इस मुद्दे पर प्रशासन को भारतीय प्रेस परिषद का दिशानिर्देश पत्र दिखा कर आईना दिखाने का काम किया है। भारतीय प्रेस परिषद के नए चुनावी दिशा निर्देश अधिकारियों के लिए जारी किए गए हैं। जिसमें पत्रकारों को न सिर्फ अपने वाहन मतदान स्थल पर ले जाने के लिए प्रशासन को निर्देश हैं बल्कि पत्रकार मतदान केंद्रों तक भी जाने को स्वतंत्र हैं। इस आशय की कोई भी जानकारी प्रदेश के 72 जिलों में अधिकारियों को नहीं है और उन्होंने पत्रकारों को राज्य निर्वाचन आयोग के फरमान सुना कर फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी और कवरेज को बाधित करने के लिए सभी संभव जतन किए।

इस मसले पर चुनावी कवरेज को लेकर भारतीय प्रेस परिषद के दिशानिर्देश प्रदेश के अधिकारियों ने बौने साबित कर दिए हैं। सवाल यह भी उठता है कि क्या मीडिया से चुनाव को कोई खतरा उत्पन्न हो गया था, जो मीडिया कर्मियों को मतगणना स्थलों से दूर रखा गया। साथ ही सवाल यह भी काबिलेगौर है कि आजाद देश में अधिकारियों के लिए प्रेस आज भी बंधुआ मजदूर से ज्यादा औकात नहीं रखता। जो अनुच्छेद 19 (1) से शुरू होता है और 19 (2) पर दम तोड़ देता है। सवाल अब ये भी है कि माया राज में राज्य निर्वाचन आयोग का तथाकथित फरमान बड़ा है या फिर चुनाव के संबंध में जारी इंडियन प्रेस काउंसिल का दिशानिर्देश।

लेखक अभिषेक शर्मा औरैया में ईटीवी के संवाददाता हैं.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...