इस सिस्टम में रांग फान्ट की तरह थे अनिल सिन्हा

: अनिल सिन्हा मेमोरियल फाउंडेशन का पहला आयोजन संपन्न : जनसांस्कृतिक मूल्यों के लिए काम करेगा अनिल सिन्हा मेमोरियल फाउंडेशन- वीरेन डंगवाल : भूमंडलीकरण के खिलाफ संघर्ष करने वालों का संबल बनेगा अनिल सिन्हा मेमोरियल फाउंडेशन : हर साल दिया जाएगा अनिल सिन्हा स्मृति सम्मान : अनिल के व्यक्तित्व में  संघर्ष की अदम्य इच्छाशक्ति थी- आनंद स्वरूप वर्मा :

चुपचाप चले गए अनिल भैया

[caption id="attachment_19685" align="alignleft" width="94"]अनिल सिन्‍हाअनिल सिन्‍हा[/caption]मेरे बड़े भैया यानी अनिल सिन्हा चुपचाप चले गए। मैं पिछले दो दिनों से निणर्य नहीं कर पा रहा था कि उनके बारे में यहां लिखा जाए या नहीं। पर आज रहा नहीं जा रहा है। कम से कम अखबारी दुनिया के ज्यादातर वरीय लोग जानते हैं कि अनिल सिन्हा मेरे सबसे बड़े भाई हैं और अतुल सिन्हा सबसे छोटे। अनिल सिन्हा पटना छोड़कर लखनउ भले ही आकर बस गए थे पर उनके मन में पटना और अपने पुराने मित्रों का मोह आखिर तक बसा रहा था।