संस्‍कृत भाषा के लिए चार दिन से भूख हड़ताल पर एक टीचर

भ्रष्टाचार के विरुद्ध अन्ना हजारे का अनशन रंग लाया और सरकार झुक गई। एक व्यवस्थित ढंग से चलाए गए अभियान के सामने सरकार को घुटने टेकने पड़े। लेकिन हर आंदोलन सफलता के अंजाम तक नहीं पहुंचा करता। कई बार व्यवस्था इतनी ढीठ होती है कि अनशन पर बैठे व्यक्ति के प्राण हर कर ही बाज आती है। दिल्ली में रोहिणी के सेक्टर 15 स्थित सेंट एंजेल्स स्कूल के बाहर भी एक ऐसा ही अनशन चल रहा है।

अब मीडियाकर्मियों का सहयोग करेगा बिलासपुर प्रशासन

: आमरण अनशन की घोषणा के बाद हरकत में आया शासन-प्रशासन : पिछले दिनों बिलासपुर में एक कार्यक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन ने जर्नलिस्‍टों एवं कैमरामैनों के साथ दुर्व्‍यवहार किया था. वीआईपी की सुरक्षा के लिए कैमरामैनों को खतरा बताया गया था. पुलिस और प्रशासन के इस रवैये से नाराज पत्रकारों ने रायपुर में आमरण अनशन करने का ऐलान किया था. रायपुर और बिलासपुर के प्रेस क्लब अध्यक्षों के एक साथ 14 सितम्बर को रायपुर में आमरण अनशन पर बैठने की खबर से राज्य सरकार हरक़त में आई.