डीएम बोला- बहनजी कहें तो मीडिया को ठीक कर दूं

यशवंत जी, आज तड़के जैसे ही उठा, मेरी नजर आज के हिंदुस्तान अखबार के प्रथम पेज पर गई. एक खबर देखकर मेरा माथा ठनक उठा. इस खबर को पढ़कर ऐसे लगा जैसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर बिजली सी गिरा दी गयी हो. अनायास ही दिल से आवाज निकली कि क्या अब बहन जी के राज मे खबर छापने के लिये पत्रकारों को डीएम महोदयों से परमीशन भी लेनी पड़ेगी? खबर आप भी पढ़ लें. और उचित लगे तो भड़ास के पाठकों को भी पढ़ा दें. -घनश्याम, जनपद औरैया, उत्तर प्रदेश