उत्‍तराखंड में पत्रकारों ने सचिवालय का घेराव किया

: पत्रकार अजीत के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की मांग : संदिग्ध परिस्थितियों में हुई पत्रकार अजीत सिंह बिष्ट की मौत के बाद परिजनों को राज्य सरकार की ओर से सहायता की मांग को लेकर संयुक्त रूप से पत्रकार संगठनों ने राज्य सचिवालय का घेराव किया।

उत्तराखंड में पत्रकारों को मिलती रहेगी मुफ्‍त चिकित्सा सुविधा

देहरादून। उत्तराखंड के पत्रकारों को राज्य सरकार द्वारा पूर्व में दी जा रही मुफ्त में चिकित्सा सुविधाएं यथावत मिलती रहेगी। ये कहना है प्रदेश मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र भसीन का। बताते चले कि पिछले दो तीन दिनों से कई समाचार माध्यमों द्वारा बताया जा रहा था कि राज्य सरकार ने पत्रकारों को मिलने वाली मुफ्त चिकित्सा सुविधा को खत्म कर दिया है।.

पत्रकारिता के पाठ्यक्रम में सुधार की जरूरत : गोविन्द सिंह

देहरादून। हिन्दुस्तान के एसोसिएट एडिटर गोविन्द सिंह का मानना है कि आज की पत्रकारिता को और अधिक गुणवत्तायुक्त बनाने के लिए उसके वर्तमान पाठ्यक्रमों में सुधार की सख्त जरूरत है। गोविन्द सिंह एसएस जीना परिसर के हिन्दी व पत्रकारिता विभाग द्वारा आयोजित एक गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।

एनजीओ के ऑफिस में पामेला एंडरसन, बेवकूफ बने पत्रकार!

देहरादून। आप हैरान हो रहे होंगे कि आखिर कैसे कोई पत्रकारों को बेवकूफ बनाएगा। लेकिन ये सत्य है। प्रदेश की राजधानी देहरादून में समाधान नामक एक एनजीओ ने बे वाच की नायिका और हॉलीवुड स्टार पामेला एंडरसन के नाम पर मीडिया और खुफिया एजेंसियों समेत पुलिस को भी खूब छकाया और अपने आपको जेम्सबांड 007 होने की डींग मारने वाले देहरादून के पत्रकार पामेला एंडरसन के देहरादून में होने की अफवाह को खबर मानकर करीब चार घंटे एनजीओं के दफ्तर को घेरे रहे।

कौन सही? हिन्‍दुस्‍तान या अमर उजाला!

देहरादून। हिन्दुस्तान और अमर उजाला के देहरादून संस्करण में 20 नवंबर 2010 को एक खबर प्रकाशित हुई है। ये खबर अजमेर ब्लास्ट के आरोपी स्वामी असीमानंद की गिरफ्तारी का है। लेकिन दोनों ही अखबारों ने अपनी-अपनी खबरों में स्वामी असीमानंद के बारे में अलग-अलग सूचनाएं दी है। अमर उजाला ने फ्रंट पेज पर असीमानंद के गिरफ्तारी की खबर देने के बाद अखबार के 9वें पेज पर ‘‘कई संतों का नजदीकी है असीमा नंद’’  के शीर्षक से एक फॉलोअप लगाया है। जिसमें उसने असीमानंद को पश्चिम बंगाल का मूल निवासी बताते हुए उनका नाम लव कुमार सरकार बताया है।