दुख-दर्द तिलस्मी लेखन का संसार सूना कर गये डॉ. नारद : स्मृति शेष : लगता है मानो अतीत के बियावान को चीरकर वे शोकाकुल मित्रों के बीच किसी तिलिस्म की तरह ‘और पार्टनर’ कहते... bhadas4media.comDecember 18, 2010