मंचों पर अधिकांश महिलाएं आकर्षक देह और गले के कारण हैं : सोम ठाकुर

[caption id="attachment_20397" align="alignleft" width="170"]सोम ठाकुरसोम ठाकुर[/caption]: मंचों पर ब्रांड नेम चलते हैं, अच्छी रचनाएं नहीं : खुशवंत सिंह, कुलदीप नैयर कुछ भी लिखें, सब छापते हैं पर नवोदित प्रतिभावान लेखकों को वह सम्मान नहीं मिलता : कवि सम्मेलन के लिए अधिकांश ऐसे पूंजीपति पैसा देते हैं जिनका साहित्य से सरोकार नहीं होता :

स्‍व. आलोक तोमर को काव्‍य श्रद्धासुमन

आदरणीय यशवंतजी, सादर प्रणाम, हालांकि मेरा दिवंगत आलोक तोमर से कोई विशेष व्‍यक्तिगत संबंध नहीं रहा लेकिन मैं उनकी लौह लेखनी का कायल था। वह हिंदी पत्रकारिता के अजेय सेनानी थे। मैं अपने काव्‍य श्रद्धा सुमन साहस और निर्भीकता के पर्याय आलोक तोमर जी को आपके भड़ास4मीडिया के माध्‍यम से प्रस्‍तुत कर रहा हूं। इस गीत में उनके पत्रकारिता जीवन के विविध आयाम उकेरे गये हैं। इस आलोकजी को समर्पित इस गीत को मैंने गत दिवस ही एक कवि सम्‍मेलन में पढ़ा था।