राजीव वर्मा और शशि शेखर को टका-सा मुंह लेकर लौटना पड़ा खंडूरी के यहां से!

आजकल जिन मीडिया घरानों के पास कथित रूप से पत्रकारिता का ठेका है, वे पत्रकारों को पत्रकार नहीं बल्कि दलाल बनाने में लगे हुए हैं. वे अपने संपादकों को संपादक कम, लायजनिंग अधिकारी ज्यादा बनाकर रखते हैं. ताजा मामला हिंदुस्तान टाइम्स जैसे बड़े मीडिया हाउस का है. बिड़ला जी के इस मीडिया घराने की मालकिन शोभना भरतिया हैं. उनके हिंदी अखबार के प्रधान संपादक शशि शेखर हैं.

आप भी कहें- धन्य है देहरादून का हिंदुस्तान

उत्तराखंड में हिंदुस्तान अखबार द्वारा निशंक की स्तुति जारी है. निशंक की स्तुति के लिए हिंदुस्तान अखबार को बस बहाना भर चाहिए. जमीन धसक जाए और लोग मर जाएं तो बचाव कार्य के लिए निशंक की भूरि भूरि तारीफ करते हुए लोटपोट हो जाता है हिंदुस्तान. अफसर अपनी बैठक करें तो वहां भी निशंक की महिमागान का मौका खोज लेता है हिंदुस्तान अखबार. मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान पत्रकार टर्न्ड पालिटिशियन, कई घपले-घाटालों के सूत्रधार और जनता के जल्द ही कोपभाजन बनने वाले मिस्टर रमेश पोखरियाल निशंक के प्रेम में पागल हिंदुस्तान के देहरादून संस्करण में आज एक घटना की जिस तरह रिपोर्टिंग हुई है, उसे देखने-पढ़ने के बाद तो सिर पकड़ लेने का मन करता है.