कहिन स्वतंत्रता दिवस का जश्न कहीं ढोंग तो नहीं! [caption id="attachment_15545" align="alignleft"]फौजिया रियाज[/caption]हम आजाद हैं और और इसकी ख़ुशी लफ्जों में बयां नहीं की जा सकती, तो चलो करोड़ो रूपए खर्च करके इंडिया... bhadas4media.comAugust 14, 2009
कहिन स्वतंत्रता दिवस पर देवमणि के तीन गीत 15 अगस्त के बारे में सोचते हुए सबसे पहले स्व.कवि सुदामा पाण्डेय ‘धूमिल’ की पंक्तियाँ याद आती हैं। उन्होंने लिखा था - ‘क्या आज़ादी... bhadas4media.comAugust 14, 2009