पब्लिक को नौकर मानने का पुलिसिया माइंडसेट : डॉ. मंजूर अहमद

: इंटरव्यू : डॉ मंज़ूर अहमद (पुलिस अधिकारी, शिक्षाविद और राजनेता) : वर्ष 73 में जो पुलिस रिवोल्ट हुआ उसमे गलतियां अफसरों की थी : जब मांग नहीं सुनी जाती है तो पुलिस एसोशिएशन के लिए आवाज़ उठती है, जो जायज है : हमारे एक डीजी थे, बहुत ईमानदार, वो रिटायर होने के बाद वो थाने जाने से बहुत डरते थे :