गलतियों का पिटारा है अमर उजाला का ‘उत्तराखण्ड उदय’

उत्तराखण्ड की समकालीन पत्रकारिता में ‘अमर उजाला’ का अपना एक महत्व और स्थान है। सन् 1970 के दशक में बरेली और 1980 के दशक में मेरठ से प्रकाशित होने के साथ ही अमर उजाला ने  उत्तराखण्ड के क्रमशः कुमाऊं और गढ़वाल मण्डल की पत्रकारिता में अपना एक मुकाम हासिल किया। इस समाचार पत्र ने दोनों मण्डलों के छोटे-छोटे कस्बों तक भी अखबार और समाचारों की पहुँच को आसान बनाया और जनसामान्य की जनसमस्याओं को समाचारों के माध्यम से प्रमुखता दी।