सभ्य मोहल्ला और एक बदचलन की मौत

अजय प्रकाश: वह तो मुसलमान ही था जो इन बच्चों का पेट पाल रहा था, इससे पहले पंजाबी से भी इसीलिए शादी की क्योंकि बिहारी कुछ करता ही नहीं था, सिवाय बच्चा पैदा करने के… : परसों की बात है। दिन के करीब दस बज रहे थे। दुबारा लौट आयी ठंड के बाद मेरी हिम्मत ठंडे पानी से नहाने की नहीं हुई तो सोचा क्यों न धूप में खड़े होकर थोड़ा गरम हो लिया जाये। धूप की गरमी से अगर हिम्मत बंध गयी तो नहा लूंगा, नहीं तो कंपनियों ने महकने का इंतजाम तो कर ही रखा है।