गाली देने के लिए गाली बकने की जरूरत नहीं होती : कमाल खान

 कमाल खान: इंटरव्यू : कमाल खान (वरिष्ठ पत्रकार, एनडीटीवी) : मुझे पार्टियों में जाना, किसी के आगे-पीछे करना, बिलावजह डिनर पर जाना अच्छा नहीं लगता : पुरस्कार मिलते रहते हैं पर मैं यही मानता हूँ कि हर आदमी को अपना काम चुपचाप लो प्रोफाइल हो कर करते रहना चाहिए : मैंने एक मुख्यमंत्री की कुछ जनविरोधी बातों पर एक बार कहा था-“ तुझसे पहले एक शख्स जो यहाँ तख्तनशीं था, उसको भी अपने खुदा होने का उतना ही यकीं था” :