एक युवा पत्रकार की जुबानी, दिल्ली पुलिस की हैवानियत की कहानी

: मुझे मिला उस ‘अपराध’ का दंड जो मैंने किया ही नहीं :  जिदंगी कभी-कभी हमें इतना बेबस कर देती है कि हम मजबूत होने के बावजूद हालातों के सामने झुक जाते हैं और अपने स्वाभिमान को अपनी ही आखों के आगे तार-तार होता देखने को मजबूर हो जाते हैं। पत्रकार होने के नाते पुलिसिया कहर की कहानियां तो मैंने पहले से काफी सुन रखी थी, लेकिन इसके खौफनाक चेहरे से मेरा सामना बीते शनिवार (11 जून, 2011) की रात को हुआ।

दिल्ली में पत्रकार कपिल शर्मा को रात भर पीटती रही पुलिस

खबर है कि दिल्ली में कल रात में पत्रकार कपिल शर्मा को पुलिस रात भर पीटती रही. कपिल पूर्व में बिजनेस स्टैंर्डड से जुड़े रहे हैं. वे आईआईएमसी के पूर्व छात्र हैं. कपिल शर्मा को कल रात दिल्ली के तिमारपुर थाने की पुलिस ने बुरी तरह से पीटा. उन्हें पीटने के साथ ही रात भर थाने में बैठाए रखा. आरोप है कि पुलिस कपिल को एक झूठे मामले में फंसाने की कोशिश कर रही है.