आईपीएस दोयम दर्जे की नौकरी

[caption id="attachment_18497" align="alignleft" width="74"]के. विक्रम रावके. विक्रम राव[/caption]: इसीलिए सेलेक्शन के बावजूद इस नौकरी को करना मैंने उचित नहीं समझा-  के. विक्रम राव : इंटरव्यू : के. विक्रम राव आज पत्रकारिता क्षेत्र में एक स्तम्भ बन गए हैं. ख़ास कर पत्रकारों के हक़ की लड़ाई को लेकर. प्रख्यात पत्रकार और नेशनल हेराल्ड के पूर्व सम्पादक के रामाराव के लड़के विक्रम राव स्वयं भी एक लब्धप्रतिष्ठ पत्रकार रहे हैं. पर अब मूल रूप से स्वतंत्र पत्रकारिता के साथ ही इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किग जर्नलिस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पूरे देश के पत्रकारों के विभिन्न हितों के लिए संघर्षरत हैं.