यूनिक आईडी खोल देगा भ्रष्‍टाचारियों की पोल

मदन कुमार तिवारीभ्रष्टाचार के खिलाफ़ बातें बहुत लंबी-चौड़ी की जा रही है, लेकिन राजनीतिक दलों से लेकर समाज सुधारक कोई भी नहीं चाहता कि भ्रष्टाचार मिटे। अन्ना हजारे को महाराष्ट्र से निकाल कर हिंदुस्तान और पुरी दुनिया के स्तर पर प्रसिद्ध होने का लालीपॉप दिखाकर तथा कथित सिविल सोसायटी नामक करोड़पतियों की एक संस्था ने जन लोकपाल नाम के बिल को लेकर एक अच्छा खासा ड्रामा दिल्ली में किया।

ये जो डिप्रेशन है…

: तीन टिप्पणियां : यशवंत भाई सबसे पहले तो फ़्लैट बुक करने के लिये बधाई. वह अत्यंत आवश्यक था. दिल्ली जैसे शहर में आपके जैसे तेवर वाले को पता नहीं कब मकान मालिक कह दे कि निकलो मेरे घर से. इसलिये यह अच्छा कदम है. दूसरी बात कि जब परिवार है तो कुछ जिम्मेवारी तो निभानी पड़ेगी, अन्यथा शादी-ब्याह ही नहीं करते. अब रह गई बात डिप्रेशन की तो मुझे लगता है इस शब्द को ही अभी तक लोग नहीं समझ पाये हैं.

अन्ना हजारे का अनशन एक ड्रामा है!

लेखक मदन कुमार तिवारी बिहार के गया जिले के हैं. वहां एक धाकड़ वकील के रूप में जाने जाते हैं. भड़ास से लंबे समय से जुड़े हुए हैं. बेबाकबयानी के लिए चर्चित हैं. भड़ास में प्रकाशित होने वाले आलेखों पर खुलकर टिप्पणी देते रहते हैं. उन्होंने अन्ना हजारे के आंदोलन की जो लहर चल रही है, उसमें उल्टी दिशा में तैरने की कोशिश की है. इस बाबत उन्होंने एक संक्षिप्त पत्र भी मुझे लिखा है, पत्र पढ़ने के बाद उनका लेख पढ़ें. पत्र यूं है-

सुशासन बाबू के शासन में डीएसपी की गुंडागर्दी

[caption id="attachment_19070" align="alignleft" width="68"]मदन कुमार तिवारीमदनजी[/caption]बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर जिले में वहां के नगर डीएसपी एसएस ठाकुर ने लाश के साथ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों के परिजनों की जिला समाहरणालय यानी कलेक्‍टर के आदेश पर उनके कार्यालय के सामने न सिर्फ़ बुरी तरह पिटाई की बल्कि जबरदस्‍ती लाश को जलाने के लिये दबाव भी डाला। घटना 23 जनवरी की है।

सरकार का पूर्वाग्रह और पत्रकारों का दोगलापन

[caption id="attachment_19070" align="alignleft" width="68"]मदन कुमार तिवारीमदन कुमार तिवारी[/caption]: पूर्णिया विधायक राजकिशोर केशरी हत्‍याकांड : जांच को गलत दिशा में मोड़ने की कोशिश : बिहार में विधायक राजकिशोर केशरी की हत्या के बाद जो कुछ हुआ वह मीडिया के लिये तथा बिहार की सरकार के लिये बहुत शर्मनाक रहा। हत्या के तुरंत बाद उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने टीवी पर दिये अपने बयान में खुलेआम यह कहा कि रुपम पाठक विधायक को ब्लैकमेल कर रही थी। साथ ही साथ यह भी जोड़ दिया कि किसी भी बड़े अखबार ने बलात्कार की खबर नहीं छापी थी।

अयोग्य गदहों को अनाप शनाप तरीके से दौलत कमाते और उसकी बदौलत सम्मान पाते देखकर इस समाज-सिस्टम से घृणा होती है

[caption id="attachment_19070" align="alignleft" width="68"]मदन कुमार तिवारीमदन कुमार तिवारी[/caption]: नया साल – पुराना साल : मदन कुमार तिवारी की नजर में…. : दुख होता है महंगाई की मार कुत्तों को झेलते देखकर :  बेटे का क्लास 12 में फेल हो जाने की घटना से भी बहुत तकलीफ़ हुई : एक और इच्छा है, मेरी तथा मेरी पत्नी की मौत एक साथ हो : एक ही तमन्ना है, जातीय आरक्षण की जगह आर्थिक आरक्षण के लिये आंदोलन करने की : गांव के अनपढ–अशिक्षित लोगों की आत्मीयता का कायल हूं : बिहार में बेटियों के स्कूल से साइकिल जाने की परिघटना को उनकी आजादी-मुक्ति के रूप में देखता हूं :

गया जिले में अखबार हाकरों की गुंडागर्दी

‘आज’ अखबार की कीमत एक रुपया हो जाने के कारण बिहार के गया जिले के हाकरों ने आज ‘आज’ अखबार को बेचने से इनकार कर दिया है। दूसरे लोगों को भी ‘आज’ अखबार नहीं बेचने दे रहे हैं। हालांकि मैं आज अखबार नहीं पढता, मैं टाइम्स आफ़ इंडिया लेता हूं, लेकिन हाकरों द्वारा ‘आज’ अखबार बेचने से इनकार कर देने के बाद मैंने अपने हाकर को कह दिया की ‘आज’ अखबार बेचना शुरू करो अन्यथा मैं कोई अखबार नहीं लूंगा।