पिता गुजरे तो डरी बहनों ने सात माह तक खुद को घर में कैद रखा

[caption id="attachment_20147" align="alignleft" width="179"]सात माह तक पड़ोसियों को भी पता नहीं चला कि पड़ोस में क्या दुख-सुख हैसात माह तक पड़ोसियों को भी पता नहीं चला कि पड़ोस में क्या दुख-सुख है[/caption]Manish Mishra : नोएडा के सेक्टर-29 में पिता की मौत के गम में सात महिने तक घर में बंद रही बहनें, पुलिस और समाजसेवी संगठन ने दोनों लड़कियों को बाहर निकाला। दोनों की हालत भूख और पानी की कमी के कारण बेहद खराब थी। एक बहन का नाम सोनाली, दूसरी का अनुराधा है। वे दोनों कैलाश हॉस्पिटल में भर्ती हैं।

मनीष बने हिंदुस्तान गाजियाबाद, नोएडा व ग्रेनो के प्रभारी

एनजीओ और एचटी की नौकरी एक साथ करेंगे अनिल : एक अन्य जानकारी के अनुसार हिंदुस्तान, मेरठ में सिटी चीफ के रूप में कार्यरत प्रिंसिपल करेस्पांडेंट मनीष मिश्रा को दिल्ली बुला लिया गया है. उन्हें नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद तीनों ब्यूरो का प्रभारी बनाया गया है. जो लोग इन ब्यूरो में जिला प्रभारी के रूप में काम कर रहे हैं, वे अपने पद पर बने रहेंगे लेकिन उन्हें अब मनीष मिश्रा को रिपोर्ट करना होगा. ज्ञात हो कि मनीष शशि शेखर के समय में अमर उजाला, नोएडा के ब्यूरो चीफ के रूप में काम कर चुके हैं.