ये वीडियो देखने के बाद भी आप कहेंगे कि भारत में कानूनराज है?

: मुंबई पुलिस की क्रूरता का वीडियो : मुंबई से एक साथी ने यह वीडियो भड़ास4मीडिया के पास भेजा है. कुछ मिनट के इस वीडियो के जरिए आप देखकर जान सकते हैं कि अपनी भारतीय पुलिस कितनी बर्बर और अराजक है. दुनिया भर में पुलिसिंग को जनपक्षधर बनाने और न्यूनतम हिंसा के जरिए संचालित किए जाने के प्रयास जोरों पर है. लेकिन अपने देश में पुलिस ने जैसे तय कर रखा हो कि उसे तो सिर्फ डंडे के जरिए ही पुलिसिंग करनी है, बाकी कोई फंडा नहीं सीखना.

मिडडे में छपी पत्रकार अकेला की दास्तान

मुंबई से प्रकाशित मिडडे अखबार ने पत्रकार ताराकांत द्विवेदी उर्फ अकेला की दास्तान प्रकाशित की है. अकेला ने कहा है कि अगर उनके साथ पुलिस ऐसा बर्ताव कर सकती है तो आम आदमियों की क्या दशा-दुर्दशा ये पुलिस बनाती होगी, सोचा जा सकता है. स्टोरी में अकेला ने पूरा किस्सा बताया है, पढ़िए…

अकेला की गिरफ्तारी-रिहाई पर मिडडे में शानदार कवरेज

[caption id="attachment_20424" align="alignleft" width="98"]पुलिस हिरासत में अकेलापुलिस हिरासत में अकेला[/caption]: काश, ऐसा ही कवरेज हर अखबार-चैनल अपने मुश्किल में पड़े-फंसे पत्रकारों के लिए देते : मुंबई के मिडडे के पत्रकार ताराकांत द्विवेदी उर्फ अकेला की गिरफ्तारी और रिहाई के मामले में मिडडे अखबार ने जिस तरह का कवरेज दिया है, वह काबिल-ए-तारीफ है. मुंबई के पत्रकारों ने अपने साथी को फंसाए जाने के खिलाफ जो एकजुटता दिखाई है, वह प्रशंसनीय व अनुकरणीय है. मिडडे में प्रकाशित खबर व तस्वीरें इसकी गवाह हैं…