हिंदी के सबसे बड़े प्रकाशक की प्रतिष्ठा पर प्रश्नचिन्ह

: मेधा पाटकर ने जिस पुस्तक को झूठ का पुलिंदा कहा, उसका लोकार्पण नामवर सिंह ने क्यों किया..? : “विवाद, विरोध और विकास की नर्मदा” भारत की सबसे बड़ी बांध परियोजना सरदार सरोवर को विकास के गौरवशाली प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करनेवाली पुस्तक है, जिसके लेखक नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के जन संपर्क विभाग में संयुक्त सचिव आदिल खान हैं.

मैं राम बहादुर राय, छुट्टा पत्रकार हूं

दरियागंज (दिल्ली) में ”प्रज्ञा” आफिस में कल शाम एक बैठक हुई. प्रभाष न्यास की तरफ से. एजेंडा था मीडिया के हालात पर चर्चा करना और प्रभाष जी की स्मृति में होने वाले आयोजन को फाइनलाइज करना. रामबहादुर राय ने संचालन किया और नामवर सिंह ने अध्यक्षता. बैठक की शुरुआत हो जाने के बाद राम बहादुर राय अचानक उठ खड़े हुए और बीच में बोलने के लिए मांफी मांगते हुए बोल पड़े.

नामवर ने अज्ञेय को मुक्तिबोध से आगे बताया

: हमारा समय मध्य वर्ग को गोदाम बनाने का युग है- अशोक वाजपेयी : अज्ञेय में दार्शनिक विकलता का चरम रूप ‘असाध्य वीणा’ में है- प्रो. नित्यानंद तिवारी : हिन्दू कालेज में अज्ञेय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी : नई दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दू कालेज में अज्ञेय की जन्म शताब्दी के अवसर पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सहयोग से ‘आज के प्रश्न और अज्ञेय’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया.

‘ग्लोबल गांव के देवता’ के लिए रणेंद्र सम्मानित

: पाखी का वार्षिक महोत्सव 18 सितंबर को संपन्न : वाराणसी । काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कला संकाय के प्रेक्षागृह में 18 सितंबर को साहित्यिक मासिक पत्रिका ‘पाखी’ का वार्षिक महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर जे.सी. जोशी स्मृति साहित्य सम्मान समारोह के साथ-साथ परंपरा और सृजनात्मकता विषय पर एक संगोष्ठी आयोजित की गयी।

नामवर सिंह को शब्द-साधक शिखर सम्मान

दिल्ली : जे.सी. जोशी स्मृति सम्मान के तहत दिया जाने वाला शब्द-साधक शिखर सम्मान हिन्दी साहित्य के शीर्ष आलोचक श्री नामवर सिंह को देने का निर्णय हुआ है। श्री सिंह को यह सम्मान उनके गृह क्षेत्रा वाराणसी में आगामी 18 सितंबर को ‘पाखी’ के वार्षिक महोत्सव में दिया जाएगा। इस मौके पर ‘पाखी’ के श्री नामवर सिंह पर केन्द्रित अंक का लोकार्पण भी होना है। यह सूचना ‘पाखी’ के संपादक श्री अपूर्व जोशी ने दी।