चाय-पानी के लिए खूब चमके कैमरों के फ्लैश

: पत्रकार एवं फोटोग्राफरों ने पंचायत चुनाव में प्रत्‍याशियों को जमकर नोचा : आजमगढ़ में पंचायत चुनाव के प्रत्याशियों के नामांकन के दौरान फोटोग्राफर्स और तथाकथित पत्रकारों की चांदी हो गई. गांव देहात से आने वाले उम्मीदवारों के नामांकन के लिए जाते समय डीएम कार्यालय पर ही ये प्रेस से जुड़े लोग प्रत्याशियों को घेर लेते थे. बाकायदा उनको माला फूल पहना कर समर्थकों को बगल में खड़ा कर फोटो और विसुअल लिए जाते थे. फिर कमर पर हाथ रख कर किनारे ले जाकर सेटिंग होती थी.

शराबी-कबाबी प्रत्याशी और हरिवंश राय बच्चन

क्या उत्तर प्रदेश में इन दिनों हो रहे पंचायतों के चुनावों में तमाम शराबी-कबाबी प्रत्याशी और अमरकृति “मधुशाला” के रचयिता हरिवंश राय बच्चन में कोई कामन प्लेटफ़ॉर्म भी है?  कल बहराइच (यूपी)  के एक फ्रीलांस जर्नलिस्ट व सोशल एक्टिविस्ट हरिशंकर शाही का जो मेल मिला उससे तो कुछ ऐसा ही जान पड़ता है. उन्होंने अपने मेल में लिखा कि “समाचार पत्र हिंदुस्तान के लखनऊ से प्रकाशित बहराइच संस्करण में डा. हरिबंश राय बच्चन कि रचना मधुशाला की पंक्तियों का बहुत अभद्र प्रयोग हुआ है.”  उनका यह अनुरोध था कि- “कृपया मदद करें साहित्य का मजाक ना बनने दें.”