हमारे आप जैसे ही थे विद्यार्थीजी

: बस, थोड़े ज्यादा ईमानदार थे, थोड़े ज्यादा साहसी थे : ”विद्यार्थी जी ने अपनी कलम से अंग्रेजी हुकूमत को हिला दिया था. विद्यार्थी जी का जन्म 23 अक्टूबर 1890 में अपने इलाहाबाद स्थित ननिहाल अतरसुइया मोहल्ले में हुआ था. उनके पिता का नाम मुंशी जयनारायण लाल था जो मूल रूप से फतेहपुर के निवासी कायस्थ ब्राह्मण थे. जीविकोपार्जन के लिए वे ग्वालियर रियासत में मुंगावली नामक स्थान पर एक प्राइमरी स्कूल में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत थे.