बुरे फंसे इनकी नौकरी करके

: सैकड़ों पत्रकार हुए बेरोजगार : कुछ दिन तक ग्वालियर के अखबारी जगत में सब कुछ ठीक-ठाक था। कलम के कारीगरों की पौं-बारह थी। दनादन ग्वालियर में मीडिया जगत में धनकुबेर पांव पसार रहे थे और कलम के हर छोटे-बड़े कारीगर को उसकी क्षमता के मुताबिक काम करने का मौका मिल रहा था। या यूं कहें सभी का सिर कड़ाही में था। लेकिन पलक झपकते ही सब कुछ ध्वस्त हो गया। धन कुबेरों का मीडिया में कूदना और पत्रकारों का धन कुबेरों से धन उलीचना।