ये हाल है हिंदी पायनियर के पत्रकारों का!

एडिटर, भड़ास4मीडिया, महोदय, भड़ास इतनी भरी है कि अगर अब न बोला तो शायद मैं मनोरोगी हो जाऊं. मजबूरी ये है कि पहचान उजागर नहीं कर सकता. पर उम्मीद करता हूं कि मैं जो कुछ कहूंगा, उसके तथ्यों को आप अपने स्तर पर पता करने के बाद मेरी भड़ास को जरूर प्रकाशित करें ताकि कई बेचैन आत्माओं को राहत मिल सके. शायद पत्रकारिता ने अपनी दशा और दिशा कुछ तथाकथित भंड़ुए संपादकों के कारण खो दी है.

पायनियर हिंदी लांच, कई लोग जुड़े

: 16 पेज के अखबार में दो पेज रंगीन, दाम दो रुपये : लखनऊ में आज पायनियर हिंदी बाजार में आ गया. कल शाम इसकी लांचिंग प्रधान संपादक व मालिक चंदन मित्रा ने की. भाजपा सांसद चंदन मित्रा ने पायनियर हिंदी के प्रकाशन पर आमुख भी लिखा है. अखबार का दाम 2 रुपये रखा गया है. संडे को यह तीन रुपये का होगा. 16 पेज के अखबार में सिर्फ फ्रंट व बैक कलर है, बाकी श्वेत-श्याम.

‘पायोनियर हिंदी’ का प्रयोग सफल हो सकेगा?

: प्रकाश कजोडिया ने नवभारत छोड़ पीपुल्स समाचार ज्वाइन किया : लखनऊ से सूचना है कि अंग्रेजी अखबार दी पायोनियर के हिंदी संस्करण को लांच करने की तैयारियां चल रही है. दी पायोनियर प्रबंधन लखनऊ मार्केट में बिजनेस शेयर बढ़ाना चाहता है, इसके लिए वह हिंदी अखबार ला रहा है. माना जा रहा है कि हिंदी अखबार बेहद सीमित संसाधनों में लांच किया जाएगा क्योंकि दी पायोनियर इंग्लिश भी जैसे-तैसे निकल रहा है.