अपनी असफलता का ठीकरा पुराने स्टाफ पर फोड़ते हैं एनके सिंह

अभी तक के अपने तीन माह के कार्यकाल में एनके सिंह (पीपुल्स समाचार, भोपाल के एडिटर) ने सिर्फ दो मुद्दों पर विशेष टिप्पणी लिखी. एनके सिंह की दिनचर्या में स्थानीय संपादकों को किसम-किसम के मेल भेजना, नोटिस देना और नौकरी से हटाने की धमकी देना शामिल है. पीपुल्स समाचार पत्र के स्टाफ की ख्वाइश एनके सिंह को काम करते देखने की है.

मध्य प्रदेश के अख़बार मालिक सरकारी दबाव में

: रवीन्द्र जैन के बाद अवधेश बजाज हुए सरकारी दबाव के शिकार : भोपाल। मध्यप्रदेश के अख़बारों पर शिवराज सरकार का दबाव निरंतर बढ़ता जा रहा है और दबंग पत्रकार इस दबाव का शिकार हो रहे हैं। रवीन्द्र जैन के बाद इस कड़ी में एक नाम और जुड़ गया है. अवधेश बजाज ने भी अख़बार प्रबंधन से खटपट के चलते पीपुल्स समाचार के समूह सम्पादक के पद से इस्तीफ़ा दे दिया है।

अवधेश बजाज के इस्तीफे से पीपुल्स ग्रुप हिला

: कई स्थानीय संपादकों के भी इस्तीफे की चर्चा : आज सुबह से ही भोपाल में मीडियावालों के बीच चर्चाओं का गर्मागर्म दौर चल रहा है. पीपुल्स समाचार के ग्रुप एडिटर अवधेश बजाज के इस्तीफे की बात दोपहर तक हर ओर फैल गई. भड़ास4मीडिया के पास कई मेल आईं और फोन से कई सूचनाएं भेजी गईं. भड़ास ने जब इस मामले की पड़ताल की तो पता चला कि अवधेश बजाज ने वाकई कल रात पीपुल्स ग्रुप के अखबार पीपुल्स समाचार को गुडबाय कह दिया है.