प्रभाषजी पर किताब लिखने के लिए स्वाति तिवारी ही मिलीं?

: अगर स्वाति तिवारी जनसम्पर्क विभाग के जुगाड़ु अपर संचालक सुरेश तिवारी की पत्नी नहीं होतीं तो क्या इस किताब का विमोचन इस गरिमापूर्ण और भव्य कार्यक्रम में हो सकता था? :  स्वाति तिवारी सरकारी कर्मचारी हैं जिन्हें लेखिका के रूप में महान बनाने के लिए सुरेश तिवारी ने अपनी पूरी जिन्दगी दॉव पर लगा रखी है : जोड़तोड़ और सरकारी विज्ञापनों के दम पर लेखक-लेखिकाएं बनाने की साजिश का भंडाफोड़ किया जाना चाहिए :