उंगलियों पर गिनेंगे तो भी नहीं मिलेंगे प्रमोद भागवत जैसे पत्रकार

मेरे एक पत्रकार मित्र थे प्रमोद भागवत। ‘महाराष्ट्र टाइम्स’ में रिपोर्टर थे। मैं जब ‘नवभारत टाइम्स’ में काम करने मुम्बई आया, तो उनसे परिचय हुआ। वे ठाणे में रहते थे। मैं उन दिनों मुम्बई को समझने की कोशिश कर रहा था और इस सिलसिले में अक्सर भागवतजी से लम्बी चर्चाएं किया करता। हमारा मत यह था कि सरकार तमाम साधन होने के बावजूद लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने में नाकाम रहती है।