‘साजिश रचने वालों में गधे बराबर बुद्धि भी नहीं’

श्री यशवंत जी, सबसे पहले तो मेरा पक्ष छापने के लिए आपका कोटि-कोटि धन्यवाद। यशवंत जी, जागरण ने लुटेरा बताया, भुक्तभोगी ने नोटिस भेजा, शीर्षक से प्रकाशित खबर पढ़ कर तो मैं यही समझा कि शायद उस व्यक्ति ने किसी के बरगलाने पर नोटिस भेज दिया होगा, पर जैसा आश्चर्य मुझे हुआ, वैसा ही आपको भी होगा, क्योंकि जिस व्यक्ति के नाम से नोटिस भेजा गया है, उस व्यक्ति को यह तक पता नहीं है कि उसके नाम से कोई किसी की शिकायत कर रहा है।

नोटिस में लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं

श्री यशवंत जी, जागरण ने लुटेरा बताया, भुक्तभोगी ने नोटिस भेजा, शीर्षक से भड़ास पर एक खबर प्रकाशित की गयी है, जिसके बारे में बताना चाहूंगा कि वह खबर थाने में दी गयी तहरीर के आधार पर लिखी गयी आरोपित खबर है. जैसा कि आप पढ़ भी सकते हैं. साथ ही इस खबर से सम्बंधित एक अन्य खबर दिनांक 29 फरवरी के अंक में रोजगार सेवक बर्खास्त शीर्षक से छापी गयी है, जिसमें लिखा है कि लूट की घटना में दोनों पक्षों में समझौता हो गया है.