श्री यशवंत जी, जागरण ने लुटेरा बताया, भुक्तभोगी ने नोटिस भेजा, शीर्षक से भड़ास पर एक खबर प्रकाशित की गयी है, जिसके बारे में बताना चाहूंगा कि वह खबर थाने में दी गयी तहरीर के आधार पर लिखी गयी आरोपित खबर है. जैसा कि आप पढ़ भी सकते हैं. साथ ही इस खबर से सम्बंधित एक अन्य खबर दिनांक 29 फरवरी के अंक में रोजगार सेवक बर्खास्त शीर्षक से छापी गयी है, जिसमें लिखा है कि लूट की घटना में दोनों पक्षों में समझौता हो गया है.
साथ ही ग्राम पंचायत के प्रस्ताव पर दूसरे सचिव की नियुक्ति कर दी गयी है। खबर सलंग्र भी कर रहा हूं। इसके अलावा मैंने आज तक उक्त रोजगार सेवक का कोई विज्ञापन नहीं छापा है और न ही कोई चेक लिया है, ऐसे में उसके द्वारा नोटिस में लगाये सभी आरोप निराधार ही हैं।
यशवंत जी, मैं यह भी बताना चाहूंगा कि यहां दूसरे कुछ पत्रकारों ने पत्रकारिता को शराब पीने का जरिया बना लिया है, इसके अलावा उनकी नजर में पत्रकारिता का और कोई महत्व नहीं है। उनकी हरकतों के चलते उनकी खुद की आये दिन शिकायतें होती रहती हैं, जिससे ऐसे पत्रकार समझते हैं कि उनकी शिकायतें किसी के द्वारा कराई जा रही हैं। मेरे विरुद्ध शिकायत जिसने भी भेजी है, वह ऐसे ही षडयंत्र का हिस्सा है, जबकि सच्चाई कुछ नहीं है।
प्रवीण गुप्ता
दैनिक जागरण
वजीरगंज (बदायूं)












