विज्ञापनों से जमकर पैसा पीट रहे हैं टीवी एवं प्रिंट माध्‍यम

देश में बनते दो भारत के बीच एक भारत रोज कुंआ खोदने और पानी पीने में लगा है तो दूसरा भारत इन जरूरतों को पूरा करने के बाद नए नए चीजों की तरफ आकर्षित हो रहा है. दूसरे भारत को आकर्षित करने के लिए तमाम प्रोडक्‍शन कंपनियां अपने उत्‍पादों को दूसरे भारत के उपभोक्‍ताओं तक पहुंचाने की होड़ कर रही हैं. इसका फायदा टीवी एवं प्रिंट माध्‍यमों को हो रहा है.