दो बड़े मीडिया संस्थानों के पीछे क्यों पड़ी हुई है केंद्र सरकार

इस वक्त सरकार के निशाने पर देश के दो बड़े मीडिया संस्थान हैं। दोनों संस्थानों को लेकर सरकार के भीतर राय यही है कि यह विपक्ष की राजनीति को हवा दे रहे हैं और सरकार के लिये संकट पैदा कर रहे हैं। वैसे मीडिया की सक्रियता में यह सवाल वाकई अबूझ है कि जिस तरह के हालात देश के भीतर तमाम मुद्दों को लेकर बन रहे हैं उसमें मीडिया का हर संस्थान आम आदमी के सवालों को अगर ना उठाये, तो फिर उस संस्थान की विश्वनीयता पर भी सवाल खड़ा होगा।