इस रिपोर्ट ने पुण्य को दिलाया प्रिंट का एवार्ड

ब्लागमशहूर पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी को दो बार रामनाथ गोयनका एक्सलेंस एवार्ड  दिया जा चुका है। पहली बार उन्हें टीवी के लिए दिया गया था, इस बार प्रिंट के लिए मिला। एक टीवी जर्नलिस्ट को प्रिंट के लिए गोयनका एवार्ड देने पर कई लोगों को थोड़ा अजीब लगा तो कुछ लोगों ने दबी जुबान से एवार्ड देने में मशहूर और नामी पत्रकारों को तवज्जो देने और हिंदी अखबारों के पत्रकारों को उपेक्षित रखने का आरोप लगाया। पुण्य प्रसून ने 13 अप्रैल 2009 को गोयनका एवार्ड लेने के बाद इसके अगले दिन 14 अप्रैल को अपने ब्लाग पर वो पूरी रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसके लिए उन्हें यह एवार्ड देने लायक समझा गया। पुण्य ने स्वीकार किया है कि इस रिपोर्ट को कवर करने के लिए और दिखाने के लिए न्यूज चैनल में स्पेस नहीं था।