मीडिया की मर्यादा के लिए संवैधानिक संस्था जरूरी

रामबहादुर जी: इंटरव्यू : रामबहादुर राय (वरिष्‍ठ एवं नामचीन पत्रकार) : रामबहादुर राय का नाम हिन्दी पत्रकारिता में ना केवल एक पत्रकार के रूप में बल्कि अच्छे व्यक्ति के रूप में भी बड़े ही सम्मान एवं आदर के साथ लिया जाता है। लेखन, समाचारों पर पकड़ के साथ उनकी सादगी, आचरण और विद्वता की मिसाल दी जा सकती है। जनसत्ता और नवभारत टाइम्स में उन्होंने राजनीतिक रिपोर्टिंग की जो मिसाल कायम की वह हिन्दी पत्रकारिता के जगत में मील का पत्थर साबित हो चुकी है।

रामबहादुर राय समेत कई होंगे सम्मानित

भोपाल से खबर है कि वरिष्ठ पत्रकार रामबहादुर राय को वर्ष 2010 के ‘माधवराव सप्रे राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार’ के लिए चुना गया है. ‘माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार’ नवदुनिया के संपादक गिरीश उपाध्याय को, ‘जगदीश प्रसाद चतुर्वेदी पुरस्कार’ पीपुल्स समाचार के ब्यूरो चीफ प्रभु पटेरिया को, ‘रामेश्वर गुरु पुरस्कार’ दैनिक जागरण के संवाददाता प्रवीण शर्मा को, ‘झाबरमल्ल शर्मा पुरस्कार’ जबलपुर में सहारा समय के ब्यूरो चीफ जितेन्द्र रिछारिया को और ‘के.पी. नारायणन पुरस्कार’ पायनियर के ब्यूरो चीफ गिरीश शर्मा को प्रदान करने का निर्णय किया गया है.