अब तो सारे संपादक एक ही जैसे दिखते हैं

[caption id="attachment_18332" align="alignleft" width="173"]रमेश नैयररमेश नैयर[/caption]: इंटरव्यू : रमेश नैयर (छत्तीसगढ़ के जाने-माने और वरिष्ठ पत्रकार) : भाग-दो : ”हमने स्पेस बेच दिया… अपना ईमान बेच दिया… अपने सारे मूल्यों को हम विस्मृत कर गये… तो अपनी आत्मा को आदमी पहले मारता है, तब वो बेचता है अपनी अस्मत को… उर्दू का एक शेर है, ”कुछ भी कहिये जमीर कांप तो जाता होगा / वो गुनाह के पहले हो या गुनाह के बाद”…

अब रिपोर्टर्स नहीं, शार्प शूटर्स चाहिए : रमेश नैयर

[caption id="attachment_18309" align="alignnone" width="505"]वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैयरवरिष्ठ पत्रकार रमेश नैयर[/caption]

: इंटरव्यू : रमेश नैयर (छत्तीसगढ़ के जाने-माने और वरिष्ठ पत्रकार) : भाग-एक : रायपुर में नैयर साहब का मतलब सिर्फ रमेश नैयर होता है। कुलदीप नैयर जी में लगे नैयर नाम की समानता की वजह से यहां धोखे की कहीं कोई गुजांइश नहीं होती। रमेश नैयर साहब छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता के स्कूल की तरह रहे हैं।