मौजूदा दौर का कार्टूनिस्ट महज ग्राफिक्स डिजायनर या इलस्ट्रेटर बन कर रह जाता है : सुधीर तैलंग

तैलंग: कम हो गई है कार्टून की धार : मशहूर कार्टूनिस्ट सुधीर तैलंग की नजर में कार्टूनों में आज विचारों की कमी होती जा रही है,जिससे इसमें अब वह बौद्धिक पैनापन नहीं दिखता जो पहले की तरह सटीक बिंदू पर सीधा प्रहार कर सके। तैलंग की राय में पत्रकारों और नेताओं के गठजोड़ से मीडिया की धार कुंद हो गई है, जिसका नतीजा यह हो रहा है कि मौजूदा दौर का कार्टूनिस्ट महज ग्राफिक्स डिजायनर या इलस्ट्रेटर बन कर रह जाता है।