एक राजनीतिक साधु-योद्धा का अवसान

: श्रद्धांजलि : बीते रविवार की ही बात है. अपने प्रधान संपादक के परामर्श पर मैंने एक मामले में जानकारी लेने के लिए सुरेंद्र मोहन जी से सम्‍पर्क करने की कोशिश की. फोन पर हुई कामकाजी बातचीत के दौरान ही उन्‍होंने बताया कि अभी वे एक बैठक के सिलसिले में मुंबई आए हुए हैं और दो दिन बाद लौटेंगे. इसी बातचीत के दौरान कई दिनों से न मिलने के लिए उन्‍होंने मुझसे प्‍यारभरी नाराजगी भी जताई और कहा कि दिल्‍ली लौटने पर मुलाकात करते हैं.

सुरेंद्र मोहन के कार्य को ईमानदारी से बढ़ाना सच्‍ची श्रद्धांजलि

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व प्रवक्ता, खादी ग्रामोद्योग समिति के पूर्व अध्यक्ष, प्रमुख समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण की अंग्रेजी पत्रिका ‘जनता’ के पूर्व संपादक, प्रख्यात लेखक और पत्रकार तथा समाजवादी चिंतक सुरेंद्र मोहन के निधन को बुद्धिजीवियों ने देश और विशेष रूप से गरीबों, दलितों, पिछड़ों तथा शोषित लोगों के लिए अपूरणीय क्षति बताया।