भड़ास पर तहलका में छपे के बारे में बेमतलब बहस!

: आज के समय में कौन मीडिया हाउस बाजार से बाहर के नायकों, डा. एके सेन और हरिवंश जैसों के बारे में सोचता है : yashwant jee, mai koi patrakar nhi hu aur na he koi intellectual ki badi badi baaten karun. aapke website par he dekha ki TAHALKA patrika ke vartmaan ank par bahas hui hai. achhi baat hai, sajag samaj he bahas karta hai lekin pachra-kachra nahi karta.

तहलका मैग्जीन की ये कौन सी मानसिकता है?

: लालू को टाप टेन महानायकों में से एक बताया और नितिश कुमार को सूची से बाहर रखा : दिल्ली से प्रकाशित एक जानी-मानी हिन्दी की पत्रिका ने बिहार के दस नायकों के ऊपर एक बड़ी सी स्टोरी की है. पत्रिका का नाम है, तहलका.  इस पत्रिका ने अपनी इस स्टोरी में बिहार में दो बार से मुख्यमंत्री नितिश कुमार को जगह नहीं दी. जबकि ये सर्वविदित है कि नितिश कुमार बिहार में नया इतिहास लिख रहे हैं. नितिश इस राज्य में विकास पुरुष की तरह उभरे हैं और देखते ही देखते समूचे देश में छा गए हैं.