साहित्य अब क्या ख़बरें रोकेगा, अब ख़ुद ही अख़बार हैं लोग तहसीन मुनव्वर कवि हृदय हैं. शायर हैं. गज़ल, गीत और शेर लिखते हैं. चंद लाइनों में बहुत कुछ कह देते हैं. तभी तो उनकी... bhadas4media.comFebruary 15, 2011