महान रंगद्रष्टा बादल सरकार को हमारी भाव भीनी श्रद्धांजलि!

[caption id="attachment_20398" align="alignleft" width="179"]बादल सरकारबादल सरकार[/caption]: बादल सरकार ( 1925- 2011) : अभी अभी पता चला कि बादल दा नहीं रहे. बादल दा को हमारी श्रद्धांजलि. बादल दा से पहली मुलाकात (1980-81) में आज़मगढ़ के एक रंग शिविर के दौरान हुई थी. मेरे लिये किसी रंगशिविर में शामिल होने का पहला अवसर था. या यूं कहें कि मैं पहली बार रगंमंच से जुड़ रहा था.

उकताहट और तीन औरतें

संगम पांडेय: रंगमंच : सौरभ शुक्ला की यह 18 साल बाद थिएटर में वापसी है। 1987 में उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति पर एक नाटक ‘तांडव’ लिखा और निर्देशित किया था। फिर वे श्रीराम सेंटर और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमंडल होते हुए बरास्ते ‘बैंडिट क्वीन’ सिनेमा की ओर चले गए। अब कमानी ऑडिटोरियम में ‘रेड हॉट’ नाम की अपनी नई प्रस्तुति में वे बतौर लेखक, निर्देशक, अभिनेता एक बार फिर रंगमंच पर उपस्थित हुए हैं।