राजेंद्र जोशी नहीं दे रहे हैं सेलरी के चौंतीस हजार रुपये

: नए लोग मीडिया में आएं तो हरामियों से निपटना भी सीखकर आएं : सेवा में, संपादक जी, bhadas4media, महोदय, चार महीनो से मैं डिप्रेशन में आ चुका हूँ. मुझे लगता है कि जब तक मैं अपनी पूरी भड़ास न निकाल लूँ, मुझे सुकून नहीं मिलेगा. इसलिए मैं आज अपनी आपबीती आपके पोर्टल के जरिये सबको बताना चाहता हूँ ताकि मेरे साथ साथ मेरे दूसरे साथी भी इस खबर को पढ़ कर हकीकत जान सकें.