Thanks to Bihar govt, Urdu dailies circulation rising only on paper

Patna: As the present government in Bihar is over-obsessed with publicity it does not mind giving advertisements to any newspaper even if it exists literally on paper. So an analysis of some of the newspapers published in Bihar, especially in Patna, reveals some startling facts. Circulation of many newspapers of the state, mainly of Urdu and small Hindi dailies, is much more than several English and Hindi national dailies.

उर्दू अखबार के पत्रकार पर डीएम की मौजूदगी में बरसीं लाठियां

बिहार के गोपालगंज जिले में इंटर की परीक्षा के दौरान खबर का कवरेज करने गये एक उर्दू अखबार के पत्रकार पर भी डीएम के साथ पहुंचे सुरक्षा गार्डों ने जमकर लाठियां बरसायीं. इसके चलते मीडियाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया. जब पीटने के बाद भी जब उनका जी नहीं भरा तो पुलिसवालों ने उसे नगर थाना के लॉकअप में बंद कर दिया.

लंबी छुट्टी से लौटकर आफिस आ सकेंगे बर्नी साहब?

: क्या कभी लौट पाएंगे अजीज बर्नी के अच्छे दिन : सहारा मीडिया में एक बड़ी तेज चर्चा है. वो ये कि अजीज बर्नी के दिन गए. अब उनके नीके दिन, अच्छे दिन न लौटेंगे. सहारा मीडिया के उर्दू अखबारों-मैग्जीनों के ग्रुप एडिटर के रूप में कार्यरत अजीज बर्नी के बुरे दिन उपेंद्र राय के न्यूज डायरेक्टर बनने के बाद शुरू हुए. ताजी सूचना है कि उन्हें लंबी छुट्टी पर जाने को कह दिया गया है.

उर्दू अखबार सबसे ज्यादा धर्मनिरपेक्ष होते हैं

: उर्दू पत्रकारिता पर राष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न : भोपाल : पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ बेग का कहना है कि उर्दू अपने घर में ही बेगानी हो चुकी है। सियासत ने इन सालों में सिर्फ देश को तोड़ने का काम किया है। अब भारतीय भाषाओं का काम है कि वे देश को जोड़ने का काम करें। वे यहां माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में ‘उर्दू पत्रकारिताः चुनौतियां और अपेक्षाएं’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी के शुभारंभ सत्र में मुख्यअतिथि की आसंदी से बोल रहे थे।