सीमा आजाद का सवाल उठाएंगे विनायक सेन

मानवाधिकार संगठन पीयूसीएल अब विनायक सेन की तरह ही माओवादी साहित्य रखने के साथ राजद्रोह के आरोप में इलाहाबाद जेल में बंद पत्रकार सीमा आजाद का सवाल उठाने जा रहा है। पीयूसीएल इस मामले में उत्तर प्रदेश में जन दबाव बनाने के लिए विनायक सेन को आमंत्रित करने जा रहा है। विनायक सेन इस अभियान में शामिल भी होंगे। विनायक सेन ने फोन पर कहा – सीमा आजाद पीयूसीएल में हमारी सहयोगी रही है और मैं इस सवाल पर लखनऊ की संगोष्ठी में जरूर आउंगा।

बिनायक सेन के पक्ष में : एक अदभुत कोलाज

: पेंटिंग की तस्वीर, व्याख्यान का आडियो और वीडियो में कविताई : एक दुर्लभ आयोजन. संघर्ष, साहस, सच्चाई और सपने देखते रहने के समकालीन प्रतीक बन चुके बिनायक सेन को लेकर यहां एक कोलाज पेश है. तीन अलग-अलग माध्यम हैं. और तीन अलग तरह की कलाएं हैं. एक पेंटिंग, जो पिक्चर फार्मेट में है. एक व्याख्यान जो आडियो फार्मेट में है. और एक कविता जो वीडियो फार्मेट में है. तीनों के केंद्र में हैं बिनायक सेन.

पत्रकारों के सवालों से बौखलाए डीजीपी विश्वरंजन

बीते साल नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ पुलिस को करारा झटका दिया है. नए साल पर पत्रकारों से पुलिस महानिदेशक की मुलाकात में इसका असर साफ दिखा. नक्सली मोर्चे पर असफल छत्तीसगढ़ पुलिस के कप्तान विश्वरंजन पत्रकारों के सवालों के जवाब देते-देते बौखला गए. उन्होंने सभी आंकड़ों को किनारे करते हुए कहा कि 2010 में नक्सली मोर्चे पर सुरक्षा बल को काफी कम नुकसान हुआ है, नक्सलियों को धकेला गया है, छत्तीसगढ़ पुलिस सजग, सतर्क और समर्थ है.

विनायक सेन के लिए पोस्टकार्ड अभियान

: बनारस में हुई बैठक में लिया गया फैसला : मानवाधिकार नेता विनायक सेन को उम्र कैद की सजा के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराने के लिए वाराणसी के बुद्धिजीवियों, सामाजिक और छात्र-युवा संगठनों ने एक बैठक की। जिला मुख्यालय पर हुई इस बैठक में कोर्ट के फैसले का पुरजोर कर विरोध किया गया।

यह रहा बिनायक को उम्र कैद देनेवाला ‘बनाना रिपब्लिक’

: लोकतंत्र, न्याय और मानवाधिकारों का इससे बड़ा मजाक और क्या हो सकता है : जैसी कि आशंका थी, मानवाधिकार कार्यकर्ता और बाल रोग विशेषज्ञ डा. बिनायक सेन को रायपुर की स्थानीय अदालत ने देशद्रोह और राज्य के खिलाफ हिंसक तख्ता पलट के लिए षड्यंत्र करने जैसे आरोपों में उम्र कैद की सजा सुना दी. अरुंधती राय ने सही कहा कि क्या विडम्बना है कि भोपाल गैस कांड में हजारों बेकसूरों के नरसंहार के दोषियों को दो साल की सजा और डा. बिनायक सेन को उम्र कैद? आश्चर्य नहीं कि इस फैसले ने पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया है. न्याय, लोकतंत्र और मानवाधिकारों में यकीन रखनेवाले लोग सदमे में हैं.

लुटेरे मौज कर रहे, जन नेता जेल भेजा गया

: विनायक सेन राजद्रोह के दोषी करार : अजीब दौर है. लुटेरों पर कोई अंकुश नहीं. छापे के नाटक हो रहे हैं. अरबों-खरबों को गड़प कर जा रहे हैं नेता. किसी को कोई दंड या सजा नहीं. सब मजे और मौज में हैं. लेकिन गरीबों के लिए लड़ने वाले विनायक सेन जेल भेजे जा चुके हैं. उन्हें भारत की एक अदालत ने राजद्रोह का दोषी माना है. डा. विनायक सेन एक साल से जमानत पर रिहा थे. आज फैसला होने के साथ ही उन्हें नारायण सान्याल व पीजूष गुहा के साथ जेल में दाखिल कर दिया गया. कोर्ट के अंदर उनकी पत्नी व पीयूसीएल की कार्यकर्ता डा. इलिना सेन उनकी दोनों बेटी व उनके भाई मौजूद थे.