एसटीएफ ने जागरण के पूर्व डीएनई की जान लेने की कोशिश की जांच शुरू की

दैनिक जागरण, आगरा के डीएनई रहे विनोद भारद्वाज ने कुछ माह पूर्व कार्यालय के कुछ लोगों पर साजिश करके उनकी जान लेने का आरोप लगाया था. उन्‍होंने पुलिस से इसकी लिखित शिकायत भी की थी, जिसके बाद जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी. इसी क्रम में एसटीएफ लम्‍बे अंतराल बाद अपनी जांच कार्रवाई प्रारम्‍भ कर दी है. इस संबंध में जागरण के कुछ लोगों से पूछताछ की गई.

‘हत्या हुई तो जिम्मेदार सरोज अवस्थी, आनंद शर्मा व विष्णु त्रिपाठी होंगे’

सेवामें, पुलिस महानिरीक्षक/ उप-महानिरीक्षक, आगरा,  विषय- मेरी व मेरे परिवार के जानमाल की सुरक्षा व्यवस्था अविलम्ब सुनिश्चित कराने हेतु… महोदय, सूचनार्थ व आवश्यक कार्रवाई हेतु निवेदन है कि प्रार्थी सन 1976 से पत्रकारिता से जुडा है। विगत 1987 से अब तक लगभग 24 साल से दैनिक जागरण में क्राइम रिपोर्टर, चीफ रिपोर्टर, डेस्क इंचार्ज, संपादकीय प्रभारी और डिप्टी न्यूज एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहा है।

विष्णुजी, आप खुद को महान सिद्ध करने के लिए दूसरों को नाकारा घोषित करने के आदी हो चुके हैं

श्रीयुत विष्णु जी, प्रणाम। This is in connection to the lengthy telephonic discussion held with you on 15th Aug’10.I was under the deep toxic impact of the high narcotic dose given to me by people plotting a conspiracy against me so I could not respond back to you and since then I am still under going the toxic effect and long illness.

जागरण के जयचंद ही इसका बेड़ा गर्क कर रहे

[caption id="attachment_20264" align="alignleft" width="99"]सोमदत्‍तसोमदत्‍त [/caption]यशवंत भाई जी नमस्कार, दैनिक जागरण आगरा में अपने जीवन के करीब 24 साल देने वाले श्रीमान विनोद भारद्वाज द्वारा लिखी गई व्यथा कथा पढ़ कर दिल तड़प कर रह गया। मात्र कलम के सिवाय मेरे पास कुछ भी नहीं उनकी मदद करने के लिए क्योंकि मैं जिस दौर से आज गुज़र रहा हूं, किसी की आर्थिक रूप से मदद भी नहीं कर सकता।

जागरण ने मान लिया कि ऑफिस में आपराधिक साजिश होती है!

विनोद भारद्वाज : प्रबंधन ने मेरे साथ छल भी किया है : न्‍याय सीधे रास्‍ते नहीं मिला तो छीनने में भी पीछे नहीं हटूंगा : मैं यूपी के डीजीपी करमवीर सिंह के साथ-साथ देश-प्रदेश की सभी जांच एजेंसियों, मीडिया और देश के प्रबुद्ध वर्ग के सामने तथ्‍यात्‍मक रूप से इस पूरे मामले पर कुछ तर्क रखना चाहता हूं ताकि उनके सोचने और जांच करने का मार्ग पूरी तरह से प्रशस्‍त हो सके.

जागरण में ये भी होने लगा, डीएनई की जान लेने की कोशिश

[caption id="attachment_20184" align="alignleft" width="105"]विनोद भारद्वाजविनोद भारद्वाज[/caption]पिछले चौबीस सालों से दैनिक जागरण, आगरा के साथ जुड़े रहे डिप्‍टी न्‍यूज एडिटर विनोद भारद्वाज को भरे मन से अखबार से इस्‍तीफा देना पड़ा. लगभग ढाई दशकों के सेवा का जागरण प्रबंधन ने ये सिला दिया. कार्यालयी षणयंत्र में उनकी जान लेने तक की कोशिश भी की गई. प्रबंधन ने इस मामले में जांच तक कराने की जहमत नहीं उठाई. विनोद ने प्रबंधन पर पूरा साजिश रचने का आरोप लगाया है.