जी यूपी से प्रशंति मिश्र का इस्‍तीफा

जी यूपी से प्रशंति मिश्र ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर एंकर थीं. वे अपनी नई पारी कहां से शुरू करने वाली हैं इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. प्रशंति काफी समय से जी के साथ जुड़ी हुई थीं. सूत्रों का कहना है कि उन्‍होंने सम्‍पादक के व्‍यवहार से आजिज आकर इस्‍तीफा दिया …

पंजाब केसरी, चंडीगढ़ से पांच का इस्‍तीफा

: सुनील ने जी यूपी ज्‍वाइन किया : पंजाब केसरी, चंडीगढ़ कार्यालय से पांच पत्रकारों ने एक साथ इस्‍तीफा दे दिया है. माना जा रहा है कि कम वेतन और काम के ज्‍यादा दबाव के चलते पत्रकारों ने एक साथ इस्‍तीफा दिया है. अखबार प्रबंधन ने इस समस्‍या से निपटने तथा तत्‍काल नए रिक्रूटमेंट करने की जिम्‍मेदारी हिमाचल प्रदेश के प्रभारी विनय को सौंपा है. उन्‍हें चंडीगढ़ भेजा गया है.

विजय ने अमर उजाला और राजकिशोर ने जी यूपी छोड़ा

अमर उजाला, इलाहाबाद से विजय भट्ट ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे उजाला के मीडिया साल्‍यूशन टीम के सदस्‍य थे. उन्‍होंने अपनी नई पारी कहां से शुरू की है इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. वे पिछले पांच सालों से अमर उजाला के साथ थे. बताया जा रहा है कि उन्‍होंने मैनजमेंट के रवैये से आहत होकर संस्‍थान को अलविदा कहा है.

इंडिया न्यूज, बिहार-झारखंड के हेड बने उदय!

: टेस्ट सिग्नल लांच : हमार से लीना जी यूपी पहुंचीं : हमार टीवी के चैनल हेड पद से इस्‍तीफा देने वाले उदयचन्‍द्र सिंह ने इंडिया न्‍यूज ज्‍वाइन किया है. उदय इंडिया न्‍यूज में एक्‍जीक्‍यूटिव प्रोड्यूसर के पोस्‍ट पर पहुंचे हैं. सूत्रों का कहना है कि वैसे तो उन्हें नेशनल न्यूज चैनल के लिए ज्वाइन कराया गया है लेकिन जल्द ही उदय को इंडिया न्यूज के नए लांच होने जा रहे बिहार-झारखंड न्यूज चैनल की जिम्मेदारी दी जा सकती है. उदय ने हमार टीवी का हेड रहते हुए बिहार-झारखंड में टीम संचालन का अच्छा अनुभव हासिल किया हुआ है.

सुभाष चंद्रा, वाशिंद्र, निधि, विवेक हाजिर हों

जी ग्रुप के रीजनल न्यूज चैनल ‘जी न्यूज यूपी’ में प्रसारित एक खबर के चलते जी ग्रुप के मालिक सुभाष चंद्रा, जी न्यूज यूपी के एडिटर वाशिंद्र मिश्र, एंकर निधि, रिपोर्टर विवेक को प्रतापगढ़ की एक अदालत ने 17 सितंबर 2010 को हाजिर होने का आदेश दिया है. नवम्बर 2009 में जी न्यूज यूपी पर आधे घंटे की एक खबर प्रसारित की गई थी. इस खबर में एक लड़की ने सपा नेता शिवपाल सिंह यादव पर यौन शोषण का आरोप लगाया था. आगरा से चली इस खबर की काफी चर्चा हुई थी. चरित्र हनन करने वाली इस खबर के खिलाफ एडवोकेट विनोद पाण्डेय ने मुकदमा दायर किया.

एडिटर को आदेश- बिजनेस हेड को रिपोर्ट करें!

सोचिए, संपादक किसे रिपोर्ट करता होगा? आप कहेंगे- प्रधान संपादक को, सीईओ को, मैनेजिंग एडिटर को, मैनेजिंग डायरेक्टर को, चेयरमैन को या इनमें से किसी को भी। और, आपका कहना ठीक भी है। ऐसा अपने मीडिया में चलता है। लेकिन संपादक अपने बिजनेस हेड को रिपोर्ट करे, यह थोड़ी अजीब बात है। है न! कहां संपादक और कहां बिजनेस हेड। दोनों के अलग-अलग काम। दोनों के अलग-अलग विधान। दोनों के अलग-अलग तेवर। दोनों के अलग-अलग कलेवर। दोनों के अलग-अलग अंदाज। दोनों के अलग-अलग सरोकार। लेकिन इस बाजारवादी व्यवस्था में शेर और बकरी, दोनों एक साथ एक घाट पर पानी पीने लगे हैं। इस मार्केट इकोनामी में शेर सियार को रिपोर्ट करता दिख सकता है तो कहीं सियार हाथी का शिकार करते हुए मिल सकता है। वजह, तीन तिकड़म से माल कमाकर मालामाल करने वाला बंदा सबसे बड़ा अधिकारी मान लिया गया है। अन्य उद्योगों की तरह मीडिया में भी सबका माई-बाप रेवेन्यू हो गया है। यही वजह है कि विचार-समाचार से लेकर अचार बेचने वाले तक, सभी आजकल सुबह-शाम राग ‘सबसे बड़ा रुपैय्या भैया’ गाते हुए मिल जाएंगे। सबके सब रेवेन्यू की छतरी तले आने लगे हैं। रेवेन्यू की ‘जय गान’ कर नंबर बढ़ाने लगे हैं। कुछ लोग देर से ना-नुकुर के बाद शरमाते-सकुचाते रेवेन्यू की छतरी तले आ रहे हैं तो कुछ दौड़ते, जीभ लपलपाते भागे चले आ रहे हैं। इतनी सब कथा-कहानी के बाद अब आते हैं मूल खबर पर।