अंग्रेजी के बढ़ते वर्चस्व ने हिन्दीभाषियों की सोच को प्रभावित किया है

चन्दौली : जनहित भारतीय पत्रकार एसोसिएशन के तत्वाधान में हिन्दी दिवस पर धानापुर कस्बा स्थित शहीद पार्क में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें हिन्दी भाषा के महत्व पर चर्चा की गई। पत्रकारों ने कहा कि हिन्दी भाषा हमें भारतीय होने का गर्व महसूस कराती है। देश में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा हिन्‍दी राष्ट्रीय एकीकरण की सबसे शक्तिशाली माध्यम है।

संगोष्ठी में जभापए के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एम. अफसर खां सागर ने कहा कि मातृभाषा के प्रति हीन भावना और कामकाज में अंग्रेजी के बढ़ते वर्चस्व ने हिन्दीभाषियों की सोच को प्रभावित किया है। केन्द्र सरकार ने हिन्दी को कार्यालयों की राजभाषा जरूर बना दिया है, मगर राजभाषा पखवारा मनाकर हिन्दी कामकाज की बेचारी भाषा बन जाती है। आज जरूरत है हिन्दी को जीवन में अपनाने की। भाषा किसी राष्ट्र की अस्मिता व अभिव्यक्ति की सशक्त माध्यम होती है। पूरा हिन्दुस्तान हिन्दी की बोल बड़े आसानी से समझता है। देश के हर भाग में हिन्दी बोल-चाल की भाषा है, जिसे पढ़ा-लिखा व अनपढ़ दोनो समझता है। आज जरूरत है हिन्दी को जीवन के हर क्षेत्र में अपना कर राष्ट्रीयता की भावना को प्रबल बनाने की। इस दौरान इम्तियाज अहमद, उदय प्रताप, रोहित, इरफान खां, आरिफ खां, कलाम खां, डा: अरविन्द मिश्र, बृजेश कुमार, सर्फुद्दीन, रविकान्त, सद्दाम, अशोक राम, रियाज अहमद सहित अनेकों गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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