अखिलेश सरकार में बोलने लगी है एक पत्रकार की तूती

: बिना इनके इशारे के पत्रकारों का काम होना मुश्किल : यूपी में सरकार क्‍या बदली, एक पत्रकार साहब की तो बल्‍ले-बल्‍ले ही हो गयी। समाजवादी पार्टी के साथ घरेलू रिश्‍ते के चलते इन साहब की दुकान सचिवालय से लेकर विधानसभा के गलियारे तक में चकाचक चल रही है। पत्रकारों के मामले में तो इन साहब का नाम ही पर्याप्‍त माना जानता है। आला अफसर भी कम से कम पत्रकारों के किसी भी काम में इन साहब का इशारा बिना कोई हस्‍तक्षेप नहीं करते।

बदले राजनीतिक माहौल में यूपी के एक पत्रकार की चांदी कट रही है। एक बड़े अखबार के संवाददाता हैं यह पत्रकार। सपा की एक आला शख्सियत के साथ इनके घरेलू रिश्‍ते हैं। हालांकि इसके पहले तक इस पत्रकार का नाम कभी भी किसी विवाद पर नहीं पड़ा, लेकिन सपा सरकार बनते ही सत्‍ता के गलियारों में अब इनके नाम का डंका बजने लगा है। बड़े-बड़े अनेक अफसर खासतौर पर अब कम से कम पत्रकारों के मामले में नेताओं के बजाय इन पत्रकार साहब की सिफारिश मांगने लगे हैं। इन अफसरों के मुताबिक ऐसे किसी भी काम के लिए इन साहब की सिफारिश ही पर्याप्‍त है।

ताजा ही मामला पिछले विधानसभा सत्र की कार्यवाही की तैयारियों को लेकर दिखा। एक न्‍यूज एजेंसी के पत्रकार आसिफ अंसारी पिछले पांच बरसों से विधानसभा की कार्यवाही की कवरेज करते आ रहे हैं। प्रक्रिया के तहत पत्रकारों को इस कार्यवाही में प्रवेश के लिए राज्‍य मुख्‍यालय पर मान्‍यताप्राप्‍त होना चाहिए। सदन कार्यवाही के लिए अन्‍य पत्रकारों के लिए विधानसभा सचिवालय पत्रकार के नियोक्‍ता-संस्‍थान के संपादक द्वारा लिखित अनुरोध पर ही प्रवेश की सुविधा प्रदान करता है। कार्यवाही में नियमित रूप से शामिल होने वाले पत्रकारों को पिछले पास के आधार पर ही प्रवेश अनुज्ञा कर दी जाती है।

आसिफ अंसारी लगातार विधानसभा कार्यवाही की कवरेज करते रहे हैं। लेकिन पिछली बार मंजर बदल गया। अंसारी जब अपने पास के लिए संबंधी सचिव के पास पहुंचे तो मिले जवाब सुनकर वे भौंचक्‍के रह गये। अंसारी के मुताबिक सचिव ने दो-टूक जवाब दिया कि इस काम के लिए अमुक पत्रकार की सिफारिश के बिना उन्‍हें पास दिया जा पाना मुमकिन है। अंसारी के अपने पक्ष में प्रमाण की सारी दलीलों को सचिव ने सिरे से खारिज कर दिया। कहने की जरूरत नहीं कि बाद में दूसरे अनेक वरिष्‍ठ पत्रकारों के हस्‍तक्षेप के बाद ही अंसारी को कार्यवाही के कवरेज की अनुमति मिली।

लखनऊ से कुमार सौवीर की रिपोर्ट. कुमार सौवीर यूपी के जाने माने पत्रकार हैं. दैनिक जागरण, दैनिक भास्‍कर, हिंदुस्तान, महुआ, एसटीवी समेत कई अखबारों और चैनलों में वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं. सौवीर अपने बेबाक बयानों और दमदार लेखन के लिए जाने जाते हैं. उनसे संपर्क kumarsauvir@yahoo.com और 09415302520 के जरिए किया जा सकता है.

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